एफएनएन , देहरादून : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में वशीकरण और तंत्र-मंत्र के जरिए लोगों की समस्याएं दूर करने का झांसा देकर ठगी करने का मामला सामने आया है। पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने ऑपरेशन कालनेमि के तहत कार्रवाई करते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में अब तक 100 से अधिक लोगों के साथ ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग नामों के आठ आधार कार्ड, विभिन्न बैंकों के 10 एटीएम कार्ड, तीन बैंक पासबुक, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड, भरे हुए चेक, सिम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस अब बैंक खातों में हुए लेन-देन की जांच करने के साथ संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है।
सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर बनाते थे निशाना
पुलिस के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी करने वाले लोगों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में 12 अक्टूबर की रात पटेलनगर पुलिस को सूचना मिली कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दो व्यक्ति चमन विहार स्थित आशियाना होम्स में किराये पर रहकर वशीकरण के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने परिसर में छापेमारी की और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर खुद को वशीकरण विशेषज्ञ, ज्योतिषाचार्य, शास्त्री और तांत्रिक बताकर विज्ञापन देते थे। इन विज्ञापनों के जरिए वे लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते और संपर्क के लिए मोबाइल नंबर उपलब्ध कराते थे।
इसके बाद पारिवारिक समस्याओं और अन्य परेशानियों को तंत्र विद्या या विशेष अनुष्ठानों से दूर करने का भरोसा दिलाकर उनसे पैसे लिए जाते थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपियों ने किन-किन लोगों को अपना निशाना बनाया और ठगी की कुल रकम कितनी है।
ठगी की रकम के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल
पुलिस की पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि आरोपियों ने ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। पुलिस के अनुसार, दिलनवाज और मोहम्मद भूरा नाम के व्यक्तियों के नाम पर भी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार कराए गए थे।
इन दस्तावेजों में किराये के मकान का पता दर्ज कराकर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए गए थे। पुलिस को आशंका है कि इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने और उसका लेन-देन करने के लिए किया जाना था।
फिलहाल पुलिस आरोपियों के निजी और अन्य संबंधित बैंक खातों की जांच कर रही है। साथ ही बरामद दस्तावेजों की सत्यता और कथित फर्जी खातों से जुड़े लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।
मुजफ्फरनगर और शामली के रहने वाले हैं आरोपी
कोतवाली पटेलनगर प्रभारी नरेश राठौर के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शाहरुख निवासी ग्राम चित्तौड़, थाना जानसठ, जिला मुजफ्फरनगर और सलमान निवासी शामली, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी पिछले करीब डेढ़ महीने से देहरादून के चमन विहार क्षेत्र में किराये पर रह रहे थे। इस मामले में पटेलनगर कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 753/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस खंगाल रही ठगी के नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। इसमें बैंक खातों में हुए संदिग्ध लेन-देन, बरामद दस्तावेजों के इस्तेमाल और संभावित पीड़ितों की पहचान शामिल है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित ठगी के इस मामले में अन्य लोग शामिल हैं या नहीं। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वशीकरण, तंत्र-मंत्र या चमत्कार के जरिए समस्याएं दूर करने का दावा करने वाले अनजान लोगों के झांसे में आने से बचें। सोशल मीडिया पर किए गए ऐसे दावों की जांच किए बिना पैसे देने से आर्थिक नुकसान हो सकता है।








