- विधायक शिवनगर में चाहते हैं व्यापारियों का पुनर्वास
- प्रदेश मंत्री बेंडिंग जोन में ही दुकानें दिए जाने को लेकर कर रहे हैं जोर आजमाइश
एफएनएन, रुद्रपुर : रुद्रपुर में हाईवे चौड़ीकरण के चलते हटाए गए व्यापारियों के पुनर्वास को लेकर भाजपा के भीतर बड़ी सियासत शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब पुनर्वास की यह लड़ाई मूंछ तक पहुंच गई है। भाजपा विधायक शिव अरोरा और प्रदेश मंत्री विकास शर्मा के बीच खींचतान नजर आ रही हैं।

विधायक जहां शिवनगर में पुनर्वास के लिए जमीन फाइनल कर चुके हैं, वहीं प्रदेश मंत्री विकास शर्मा वेल्डिंग जोन में ही व्यापारियों के पुनर्वास का दंभ भर रहे हैं। ऐसे में व्यापारी असमंजस में हैं। उन्हें डर है कि कहीं दो नेताओं की इस खींचतान में उनका मामला टल न जाए। वहीं व्यापारियों के व्हाट्सएप ग्रुप में भी वेंडिंग जोन में ही दुकानों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
आपको बता दें कि जी20 की आड़ में रोडवेज के सामने हाईवे से सालों से कारोवार करते आ रहे व्यापारियों की दुकाने मलबे में तब्दील कर दी गई थीं। इसके बाद खासा विरोध प्रदर्शन हुए और व्यापारियों को भरोसा दिलाया गया कि उनका पुनर्वास किया जाएगा।

विधायक शिव अरोरा की पहली पर अफ़सर इस मामले में सक्रिय हुए और एक कमेटी बनाकर पुनर्वास के लिए प्रयास शुरू किए गए। शिवनगर में खाली पड़े एक भूखंड पर परिसर बनाए जाने की बात भी परवान चढ़ी। खुद विधायक व्यापारियों के साथ मौके पर पहुंचे और उन्हें दुकानों के लिए उक्त जमीन को उपयुक्त बताया।
हालांकि मुख्यमंत्री का खास कहलाने वाले प्रदेश मंत्री विकास शर्मा इससे सहमत नहीं थे। गुटबाजी के चलते वह निर्णय से अलग रहे। अब जबकि गांधी पार्क की दीवार से सटे खानपान के ठेलों को हटाए जाने के बाद सिंचाई विभाग की भूमि पर वेंडिंग जोन बनाने की कवायद चल रही है, तो विकास शर्मा की मांग है कि यहीं व्यापारियों को भी दुकान दी जाएं। उनके इस निर्णय से व्यापारियों का एक वर्ग सहमत है।
इसको लेकर व्हाट्सएप ग्रुप में चर्चा भी शुरू हो गई है। क्योंकि दुकानें लिंटर डालकर दी जाएंगी, इसलिये व्यापारियों से नगर निगम को दिए जाने वाले दो-दो लाख रुपये भी इकट्ठा करने को कह दिया गया है। वहीं, विधायक शिवनगर में चिन्हित स्थान पर दुकान दिए जाने के पक्ष में हैं, अब देखना यह होगा कि आखिर बाजी कौन मारता है। व्यापारी भी दुकानें वेंडिंग जोन में ही चाहते हैं, ऐसे में अब ऊंट किस करवट बैठता है, यह देखना होगा।









