एफएनएन, अल्मोड़ा : उत्तराखंड में महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के विवादित बयान को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है. जहां एक ओर कांग्रेस और विभिन्न सामाजिक संगठन इस मामले को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं तो वहीं महिलाओं ने भी साहू के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है. इस बीच अल्मोड़ा पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा ने साहू के बयान की कड़ी निंदा करते हुए देवभूमि उत्तराखंड की छवि को इससे न जोड़ने की अपील की है.
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा ने कहा कि उन्होंने गिरधारी लाल साहू का बयान वीडियो के माध्यम से देखा है. उसमें कही गई बातें अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय हैं. उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से ऐसी भाषा और सोच की अपेक्षा नहीं की जा सकती. यहां के लोग संस्कारी और सम्मान देने वाले हैं, ऐसे बयान प्रदेश की छवि को धूमिल करते हैं.
“गिरधारी लाल साहू बीजेपी के नहीं हैं और न ही वो इस प्रदेश से संबंधित हैं. जब वो न पार्टी के हैं और न ही उत्तराखंड के तो उनके बयान को देवभूमि से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. किसी व्यक्ति का इतिहास हम नहीं जानते, लेकिन जो व्यक्ति जैसा सोचता है, वही बोलता है और ऐसे बयान समाज को बदनाम करने का काम करते हैं.“- अजय टम्टा, केंद्रीय राज्यमंत्री
गिरधारी लाल साहू ने दिया था विवादित बयान: गौर हो कि बीती 23 दिसंबर को अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के दौलाधात में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गिरधारी लाल साहू ने बेहद आपत्तिजनक बयान दिया. जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘शादी के लिए बिहार से 20 से 25 हजार रुपए में लड़कियां मिल जाती हैं…’ इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया.
कांग्रेस, महिला संगठनों और अन्य सामाजिक संगठनों ने इसे महिलाओं का अपमान बताते हुए मंत्री रेखा आर्या और उनके पति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए. जगह-जगह पुतला दहन भी किया गया था. फिलहाल, मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर तूल पकड़ता जा रहा है और लोग इस पर सरकार की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं.
उधर, बिहार की लड़कियों को लेकर दिए आपत्तिजनक बयान के मामले में बिहार के मुजफ्फरपुर कोर्ट की तरफ से गिरधारी लाल साहू को नोटिस भेजा गया है. साथ ही उनके जवाब तलब किया गया है. गिरधारी लाल साहू के आपत्तिजनक बयान के मामले में मुजफ्फरपुर कोर्ट में एडीजे प्रथम की अदालत में परिवाद दायर किया गया है.






