एफएनएन, बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार और भाटापारा जिले में अवैध रेत उत्खनन पर लगातार एक्शन जारी है. कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर खनिज और राजस्व विभाग की कार्रवाई से रेत माफिया के अंदर हड़कंप की स्थिति है. शनिवार की रात को सोनाखान तहसील अंतर्गत ग्राम भानपुर में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 6 ट्रैक्टर को खनिज और राजस्व विभाग ने जब्त किया है. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब जिले के कई क्षेत्रों से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं.
अवैध तरीके से हो रहा थे रेत का परिवहन
सोनाखान तहसील के ग्राम भानपुर क्षेत्र में राजस्व विभाग की टीम गश्त कर रही थी. इस दौरान 6 ट्रैक्टर अवैध रूप से रेत का परिवहन करते पाए गए. जांच के दौरान ट्रैक्टर चालकों के पास न तो रेत परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज पाए गए और न ही किसी प्रकार की अनुमति. इसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी 6 ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया. उसके बाद सभी ट्रैक्टरों को थाना राजादेवरी के सुपुर्द किया गया. आगे की कानूनी प्रक्रिया थाना स्तर पर की जा रही है.
कलेक्टर के निर्देश पर तगड़ा एक्शन
कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर जिले के सभी रेत घाटों और संवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है. रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए न केवल नियमित जांच की जा रही है, बल्कि अचानक औचक छापेमारी भी की जा रही है, ताकि रेत माफिया किसी भी तरह से प्रशासनिक कार्रवाई से बच न सकें. कलेक्टर का स्पष्ट निर्देश है कि जिले में रेत का अवैध रेत उत्खनन और परिवहन किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा. इससे न केवल शासन को राजस्व की हानि होती है बल्कि नदी-नालों के प्राकृतिक संतुलन पर भी असर पड़ता है.
जिला टास्क फोर्स कर रही संयुक्त कार्रवाई
अवैध रेत कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है. इस टास्क फोर्स में पुलिस, राजस्व विभाग और खनिज विभाग की संयुक्त टीम शामिल है. यह टीम जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित और आकस्मिक छापेमारी कर रही है. संयुक्त टीम की यह कार्यप्रणाली इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि अवैध रेत कारोबार में अक्सर संगठित तरीके से काम किया जाता है. अलग-अलग विभागों की संयुक्त मौजूदगी से कार्रवाई ज्यादा प्रभावी हो रही है और दोषियों पर दबाव बढ़ा है.
अवैध रेत कारोबार से हो रहा था नुकसान
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार अवैध रेत उत्खनन और परिवहन से शासन को बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान होता है. इसके अलावा नदी-घाटों से अनियंत्रित तरीके से रेत निकालने से जलस्तर पर असर पड़ता है, कटाव बढ़ता है और पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ता है. ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार अवैध रेत परिवहन के चलते भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कें क्षतिग्रस्त होती हैं और दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है. इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस पर सख्ती बढ़ाई है.
कार्रवाई से रेत माफिया में खौफ
ग्राम भानपुर में हुई इस कार्रवाई के बाद अवैध रेत परिवहन से जुड़े लोगों में डर का माहौल है. स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि प्रशासन अब किसी भी स्तर पर समझौता करने के मूड में नहीं है. लगातार हो रही कार्रवाइयों से यह संकेत साफ है कि आने वाले दिनों में और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और आगे भी जिले के अन्य क्षेत्रों में इसी तरह की छापेमारी जारी रहेगी.
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनके विरुद्ध नियमानुसार जुर्माना, जब्ती और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं अपनाई जाएंगी. साथ ही प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध रेत उत्खनन या परिवहन की जानकारी मिले, तो तुरंत प्रशासन या पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी.






