एफएनएन, चमोली: बदरीनाथ धाम परिसर में मास्टर प्लान के कार्य शुरू होने से पहले पौराणिक स्थलों का निरीक्षण और गरम कुंड और अन्य धाराओं के इर्द-गिर्द परीक्षण कार्य किया जाएगा। इसके बाद कॉरिडोर के कार्यों को आगे बढ़ाने की डीपीआर तैेयार की जाएगी।
कंसल्टेंट की ओर से धर्माधिकारी, वेदपाठी व अन्य हकहकूकधारियों से बातचीत के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें यह भी उल्लेख होगा कि कहां पर कितनी खुदाई की जानी है। जिससे प्राकृतिक धारों को कोई नुकसान न पहुंचे। इसकी रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपी जा रही है।







