
एफएनएन, बरेली : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर बरेली की जिला और महानगर इकाई को पूरी तरह बर्खास्त कर दिया गया है. जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप का एक कथित अश्लील वीडियो वायरल होने और संगठन में मची गुटबाजी के कारण यह बड़ी कार्रवाई की गई है. प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया है.
पिछले काफी समय से जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी के बीच वर्चस्व की जंग चल रही थी, जिससे पार्टी की छवि धूमिल हो रही थी. शीर्ष नेतृत्व ने शिकायतों की गुप्त जांच कराने के बाद 2027 के चुनाव से पहले संगठन को साफ-सुथरा करने के लिए यह कड़ा फैसला लिया है.
वीडियो वायरल होते ही गिरी गाज
जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप पर न केवल गुटबाजी के आरोप थे, बल्कि उनके एक कथित अश्लील वीडियो ने पार्टी हाईकमान को कड़ा रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने बीच-बीच में पर्यवेक्षक भेजकर बरेली की स्थिति का जायजा लिया था. जब वीडियो वायरल होने की बात पुख्ता हुई, तो पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा मानते हुए पूरी टीम को बाहर का रास्ता दिखा दिया.
पदाधिकारियों की लंबी फौज हुई पदमुक्त
इस कार्रवाई की चपेट में न केवल अध्यक्ष आए, बल्कि पदाधिकारियों की एक लंबी लिस्ट शामिल है. जिला उपाध्यक्ष रविंद्र सिंह यादव, इंजीनियर अनीस अहमद, सुरेंद् सोनकर और कोषाध्यक्ष अशोक यादव समेत दर्जनों नेताओं को पदमुक्त कर दिया गया है. आदेश यादव, दीपक शर्मा, भारती चौहान और स्मिता यादव जैसे नामों पर भी कार्रवाई की गाज गिरी है. अब पार्टी नए सिरे से बेदाग छवि वाले समर्पित कार्यकर्ताओं को कमान सौंपने की तैयारी में है.
2027 के लिए ‘क्लीनअप’ अभियान
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बरेली में जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष के बीच चल रहे ‘शीत युद्ध’ ने संगठन को खोखला कर दिया था. आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए अखिलेश यादव ने यह संदेश दिया है कि पार्टी की छवि और अनुशासन से समझौता करने वालों के लिए संगठन में कोई जगह नहीं है.





