03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 9.45.28 AM
previous arrow
next arrow
Shadow

फिर खुराफात, नेपाली वामपंथी सरकार ने 100 रुपये के नोट में भारतीय भू-भाग को फिर दर्शाया अपना

Spread the love

भारत के लिए सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हैं नेपाली नोट में दर्शाए तीनों क्षेत्र

एफएनएन ब्यूरो, नई दिल्ली/काठमांडू। नेपाल में सत्तारूढ़ चीन की पिछलग्गू केपी शर्मा ओली की वामपंथी सरकार ने एक बार फिर खुराफात करते हुए सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण तीन भारतीय भू-भागों को 100 रुपये के नेपाली नोट में अपना दर्शाते हुए छापा है। नोट की छपाई चीन की कंपनी चाइना बैंकनोट प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन कर रही है। इस नोट में बने नक्शे में भारत के लिपुलेख, लिंपियाधुरा और कालापानी क्षेत्र को नेपाल का हिस्सा दर्शाया गया है।

नेपाल ने 100 रुपये मूल्य वाले नोटों की छपाई का काम चीन की कंपनी चाइना बैंकनोट प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन को सौंपा है। यह कंपनी नोटों की 30 करोड़ प्रतियां छापेगी। इस नोट में बने नक्शे में भारत के लिपुलेख, लिंपियाधुरा और कालापानी क्षेत्र को नेपाल का हिस्सा दर्शाया गया है। नेपाल सरकार ने इसी साल मई में कैबिनेट बैठक में नोटों के डिजाइन को मंजूरी दी थी।

साढ़े चार साल पहले नेपाल ने खड़ा किया था यह नया विवाद

नेपाल ने 20 मई, 2020 को संविधान संशोधन के जरिये लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को अपना हिस्सा बताते हुए नया नक्शा जारी कर विवाद खड़ा किया था। नेपाल पांच भारतीय राज्यों सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार, यूपी व उत्तराखंड के साथ 1,850 किमी लंबी सीमा साझा करता है। ये तीनों भारतीय क्षेत्र लगभग 370 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैले हैं।

इन क्षेत्रों के लोग भारत के करदाता हैं और मतदाता भी

गौरतलब है कि पश्चिमी तिब्बत के नगारी क्षेत्र के पास स्थित लिपुलेख, लिंपियाधुरा और कालापानी क्षेत्रों पर पिछले 60 वर्षों से पूरी तरह भारत का नियंत्रण है। यहां रहने वाले लोग भारतीय नागरिक हैं, भारत में कर चुकाते हैं और मतदान भी करते हैं।

भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं तीनों क्षेत्र
कालापानी क्षेत्र दक्षिण एशियाई कूटनीति में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। यह भारत, तिब्बत और नेपाल के बीच त्रिकोणीय जंक्शन बनाता है। वहीं, लिपुलेख दर्रा उत्तराखंड को तिब्बत से जोड़ता है। लिंपियाधुरा दर्रा क्षेत्र पर नेपाल का दावा कालापानी पर उसके दावे से उपजा है। यह तिब्बत की नगारी सीमा के पास भारत से सटा हुआ है। लिंपियाधुरा-कालापानी-लिपुलेख इलाके उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में पिथौरागढ़ जिले का हिस्सा हैं और यह पूरा इलाका पूर्णत: भारतीय प्रशासन के अधीन है।

Hot this week

Ramnagar में बढ़ा बाढ़ का खतरा, गर्जिया मंदिर में श्रद्धालुओं की एंट्री बंद

एफएनएन, रामनगर : Ramnagar पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो...

Kumaon Heavy Rain : 100 से ज्यादा सड़कें बंद; कई इलाकों का संपर्क कटा

एफएनएन, अल्मोड़ा/पिथौरागढ़/बागेश्वर/नैनीताल : Kumaon Heavy Rain उत्तराखंड के कुमाऊं...

Uttarakhand में मान्यता से बाहर चल रहे मदरसों पर सरकार ने सख्ती के संकेत दिए

एफएनएन, देहरादून : Uttarakhand में मान्यता नहीं लेने वाले मदरसों...

Topics

Kumaon Heavy Rain : 100 से ज्यादा सड़कें बंद; कई इलाकों का संपर्क कटा

एफएनएन, अल्मोड़ा/पिथौरागढ़/बागेश्वर/नैनीताल : Kumaon Heavy Rain उत्तराखंड के कुमाऊं...

Uttarakhand में मान्यता से बाहर चल रहे मदरसों पर सरकार ने सख्ती के संकेत दिए

एफएनएन, देहरादून : Uttarakhand में मान्यता नहीं लेने वाले मदरसों...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img