03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 9.45.28 AM
previous arrow
next arrow
Shadow

Amit Shah के बयान पर हरदा का पलटवार, बोले- जुम्मे की छुट्टी का सबूत दें, राजनीति छोड़ दूंगा

एफएनएन , देहरादून : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए तुष्टिकरण की राजनीति करने और अपने शासनकाल में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के आरोप लगाए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल का जिक्र करते हुए शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के लिए छुट्टी देने के प्रस्ताव का मुद्दा भी उठाया।

अमित शाह के इन आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए अमित शाह को खुली चुनौती दी कि वे जुम्मे की छुट्टी या किसी भी घोटाले से जुड़े आरोप का प्रमाण पेश कर दें। हरीश रावत ने कहा कि अगर अमित शाह उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित कर देते हैं, तो वह राजनीति छोड़ देंगे और प्रदेश व देश की जनता से माफी भी मांगेंगे।

अमित शाह ने कांग्रेस पर लगाए तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार के आरोप

उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति से बाहर नहीं निकल पाती है। इसी क्रम में उन्होंने उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान शुक्रवार की नमाज के लिए छुट्टी का प्रस्ताव लाने का आरोप लगाया।

अमित शाह ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। उनके इस बयान के बाद प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया।

हरीश रावत बोले- अमित शाह ने मेरे बारे में झूठ बोला

अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हरीश रावत ने कहा कि गृहमंत्री ने अपने संबोधन में उनका संदर्भ देते हुए कई ऐसी बातें कहीं, जिनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है। उन्होंने इन बयानों को झूठ करार देते हुए कहा कि मंच से कही गई बातों को सुनकर वहां मौजूद लोगों ने भी उनका समर्थन नहीं किया।

हरीश रावत ने तंज कसते हुए कहा कि अमित शाह की बातों पर उनकी अपनी पार्टी के लोगों ने भी तालियां बजाकर समर्थन नहीं किया। इससे स्पष्ट होता है कि जनता के बीच इन आरोपों का कोई प्रभाव नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मंचों से आरोप लगाने के बजाय तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर बात होनी चाहिए।

सचिवालय को कमीशन का अड्डा बताने पर भी किया पलटवार

हरीश रावत ने अमित शाह के उस बयान पर भी जवाब दिया, जिसमें सचिवालय को कमीशन का अड्डा बताया गया था। उन्होंने कहा कि आज सचिवालय में जाने वाले लोगों के काम सेवा भाव से हो रहे हैं और सरकार के मंत्री भी इसी भावना से काम कर रहे हैं।

हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार पर पलटवार करते हुए एक मंत्री और उनके पति की संपत्ति का मुद्दा उठाया। हरीश रावत ने दावा किया कि संबंधित मंत्री के पति ने खुद 210 करोड़ रुपये की संपत्ति होने की बात कही थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके मुताबिक, मंत्री के पति ने बताया था कि जब वह उनके संपर्क में आए थे, तब उनके पास केवल साड़ी और चप्पल थीं।

हरीश रावत ने एक मंत्री के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में हाईकोर्ट की ओर से सीबीआई जांच के आदेश दिए गए थे, लेकिन उनकी जानकारी के अनुसार राज्य सरकार जांच की अनुमति नहीं दे रही है।

हर घोटाले का प्रमाण दे दीजिए, राजनीति छोड़ दूंगा: हरदा

पूर्व मुख्यमंत्री ने अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा सरकार चाहे तो उनके कार्यकाल से जुड़े किसी भी घोटाले का प्रमाण सामने रख सकती है। उन्होंने कहा कि अगर गृहमंत्री एक भी घोटाला साबित कर देते हैं या जुम्मे की छुट्टी देने के प्रस्ताव का प्रमाण दे देते हैं, तो वह राजनीति छोड़ देंगे।

हरीश रावत ने कहा कि वह राजनीति छोड़ने के साथ ही राज्य और देश की जनता से माफी मांगने के लिए भी तैयार हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आरोप लगाने से कोई बात सच साबित नहीं हो जाती, उसके समर्थन में सबूत भी होने चाहिए।

स्टिंग ऑपरेशन को लेकर भाजपा पर साधा निशाना

हरीश रावत ने अपने कार्यकाल के दौरान सामने आए शराब और स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े विवादों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इन स्टिंग ऑपरेशन के पीछे भाजपा के नेताओं और उनकी व्यवस्था का हाथ था।

उन्होंने मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का नाम लेते हुए दावा किया कि स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ी गतिविधियों की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी और ये सभी ऑपरेशन उनके संरक्षण में हुए। हरीश रावत ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी सरकार चलाने के लिए जनकल्याणकारी नीतियों के बजाय स्टिंग करने वालों का सहारा लेती है।

उत्तराखंड में फिर तेज हुई भाजपा-कांग्रेस की जुबानी जंग

अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के दौरान कांग्रेस पर किए गए हमले और उसके बाद हरीश रावत के पलटवार ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। एक ओर भाजपा कांग्रेस के पुराने कार्यकाल और कथित तुष्टिकरण की राजनीति को मुद्दा बना रही है, वहीं कांग्रेस भाजपा के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए सरकार से जवाब मांग रही है।

खासतौर पर जुम्मे की छुट्टी, भ्रष्टाचार, सचिवालय में कथित कमीशनखोरी और स्टिंग ऑपरेशन जैसे मुद्दों पर दोनों दल आमने-सामने हैं। अब देखना होगा कि अमित शाह के आरोपों पर हरीश रावत की चुनौती के बाद भाजपा की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img