एफएनएन , देहरादून : उत्तराखंड में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 84 लाख 70 हजार रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान यासीन युसूफ मनेर निवासी सांगली, महाराष्ट्र के रूप में हुई है। वह देहरादून साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज दो मुकदमों में वांछित था।
महाराष्ट्र के सांगली में STF ने दी दबिश
साइबर अपराधियों और लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए STF की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। इसी अभियान के तहत STF की साइबर टीम ने 26 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र के सांगली जिले में दबिश दी। यहां से टीम ने यासीन युसूफ मनेर को गिरफ्तार कर लिया।
बैंक खाते में ट्रांसफर हुई थी 29.50 लाख की रकम
STF के अनुसार, देहरादून साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मुकदमे की जांच के दौरान आरोपी का नाम सामने आया था। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत दर्ज किया गया था।
जांच में पता चला कि सितंबर 2024 में पीड़ित ने आरोपी से जुड़े बैंक ऑफ महाराष्ट्र के खाते में 29 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। पुलिस के मुताबिक, यह खाता साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने वाली पहली लेयर का बैंक खाता था।
दो मुकदमों में वांछित था आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी देहरादून साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज मुकदमा संख्या 71/2024 में भी वांछित था। इस मामले में उसे BNSS की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद आरोपी जांच में शामिल नहीं हुआ और पुलिस को सहयोग नहीं कर रहा था।
इसके बाद STF की साइबर टीम ने महाराष्ट्र में उसकी तलाश शुरू की और दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड भी बरामद किया है।
साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत
STF के एसएसपी अजय सिंह ने लोगों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत की जा सकती है। समय रहते शिकायत करने से ठगी गई रकम को संबंधित बैंक खाते में फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है।








