एफएनएन, उत्तराखंड : Gairsain उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 से विधानसभा का दो दिवसीय सत्र शुरू हो रहा है। 27 और 28 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस सत्र में राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अनुपूरक अनुदान मांगें पेश करेगी। कैबिनेट पहले ही अनुपूरक बजट के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी है।
सत्र के पहले दिन ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के साथ प्रदेश प्रधान संगठन और उत्तराखंड क्रांति दल ने सरकार के खिलाफ विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन ने भराड़ीसैंण और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। करीब 1,500 पुलिसकर्मियों और सुरक्षा जवानों की तैनाती की गई है। विधानसभा परिसर के आसपास लोहे के गेट और कंटीले तारों वाली बैरिकेडिंग भी लगाई गई है।
विधानसभा सत्र से पहले सीएम धामी ने की ऋतु खंडूड़ी से मुलाकात
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी से मुलाकात की। दो दिवसीय सत्र के दौरान विपक्ष की ओर से मंत्रियों से पूछे जाने वाले 445 सवाल सूचीबद्ध किए गए हैं। इसके अलावा सदन में विभिन्न अध्यादेश और महत्वपूर्ण रिपोर्ट भी पेश की जानी हैं।
सत्र के पहले दिन की कार्यसूची में छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट को भी शामिल किया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री दोपहर तीन बजे वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुपूरक अनुदान मांगें सदन के पटल पर रखेंगे।
गैरसैंण को जिला बनाने की मांग ने पकड़ा जोर
विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले गैरसैंण क्षेत्र में स्थानीय मुद्दों को लेकर भी हलचल तेज हो गई है। क्षेत्रीय जनता, जनप्रतिनिधियों और उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने गैरसैंण को जिला घोषित करने की मांग उठाई है। स्थानीय लोगों ने गैरसैंण में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग भी की है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि गैरसैंण में केवल दो दिन का विधानसभा सत्र आयोजित करना पहाड़ की भावनाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने सत्र की अवधि और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है।
वित्त आयोग और मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट होगी पेश
विधानसभा के पहले दिन छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट और उस पर सरकार की ओर से की गई कार्रवाई का विवरण सदन में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री संविधान के अनुच्छेद 243(आई) और 243(वाई) तथा उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम से संबंधित प्रावधानों के तहत यह प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।
इसके साथ ही उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019 से 2022 तक की वार्षिक और विशेष रिपोर्ट पर सरकार की कार्रवाई से संबंधित प्रतिवेदन भी सदन के पटल पर रखा जाएगा। विधानसभा की विभिन्न विशेषाधिकार समितियों की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जानी हैं। इन दस्तावेजों के माध्यम से विधायकों को संबंधित संस्थाओं के कामकाज और सरकार की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी मिलेगी।
विधानसभा अध्यक्ष ने लिया गार्ड ऑफ ऑनर
सत्र की शुरुआत से पहले विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भराड़ीसैंण विधानसभा भवन पहुंचीं, जहां उन्होंने गार्ड ऑफ ऑनर लिया। इसके बाद उन्होंने विधानभवन परिसर और सभामंडप का निरीक्षण किया। सत्र के सुचारु संचालन को लेकर तैयारियों का जायजा भी लिया गया।
सदन में पेश होंगे दो महत्वपूर्ण अध्यादेश
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम (संशोधन) अध्यादेश, 2026 और उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को सदन के पटल पर रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुपूरक अनुदान मांगें प्रस्तुत करेंगे, जबकि अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम से संबंधित संशोधन अध्यादेश सदन के सामने रखेंगे। ऐसे में दो दिवसीय सत्र के दौरान अनुपूरक बजट, विधायी कार्यवाही और विपक्ष के विरोध के चलते सदन में राजनीतिक माहौल गर्म रहने की संभावना है।








