एफएनएन , नई दिल्ली : दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली विपक्षी गठबंधन INDIA की रैली को सफल बनाने के लिए कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी उत्तर प्रदेश और हरियाणा की अपनी इकाइयों के साथ समन्वय कर रही है। इन दोनों राज्यों को दिल्ली में होने वाले इस शक्ति प्रदर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोगों को जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों से भी रैली में भागीदारी की उम्मीद है।
कांग्रेस इस रैली के जरिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी गठबंधन के अन्य सहयोगी दल भी अपने समर्थकों के साथ रैली में शामिल हो सकते हैं।
हरियाणा कांग्रेस 23 अक्टूबर को करेगी बैठक
कांग्रेस संगठन के प्रभारी केसी वेणुगोपाल 23 अक्टूबर को हरियाणा इकाई के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर रैली की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। बैठक में राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ वर्तमान और पूर्व विधायकों के शामिल होने की संभावना है।
एआईसीसी के हरियाणा प्रभारी सचिव जितेंद्र बघेल ने बताया कि रैली की तैयारियों के लिए 23 अक्टूबर को बैठक बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में पार्टी ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान शुरू किया है और कथित वोट चोरी के मुद्दे को ब्लॉक स्तर तक ले जाने की योजना है।
बघेल के मुताबिक, हरियाणा कांग्रेस पहले भी इस तरह के आयोजनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। पार्टी को उम्मीद है कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान में बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस भी जुटाएगी बड़ी संख्या में समर्थक
दिल्ली से सड़क मार्ग के जरिए लोगों को लाना आसान होने के कारण उत्तर प्रदेश और हरियाणा की कांग्रेस इकाइयों से सबसे अधिक भागीदारी की उम्मीद की जा रही है।
बुधवार को एआईसीसी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने भी दिल्ली में होने वाली रैली की तैयारियों की समीक्षा की। राजेंद्र पाल गौतम ने बताया कि दिल्ली में हाल में हुए विरोध प्रदर्शनों में उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे थे। 1 नवंबर की रैली में इससे भी अधिक लोगों को जुटाने की योजना है।
उन्होंने कहा कि रैली के माध्यम से SIR के खिलाफ INDIA गठबंधन की एकजुटता प्रदर्शित की जाएगी। इसके लिए जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
मतदाता सूची में नाम जांचने की अपील
कांग्रेस के एक पदाधिकारी के अनुसार, पार्टी लोगों से मतदाता सूची में अपना नाम और अन्य विवरण जांचने की अपील कर रही है। यदि किसी मतदाता को सूची में बदलाव या गड़बड़ी दिखाई देती है, तो उसे संबंधित चुनाव अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी जा रही है।
पार्टी इस मुद्दे को आम लोगों तक पहुंचाने और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को राजनीतिक अभियान का हिस्सा बनाने की तैयारी में है।
राजस्थान से भी बड़ी भागीदारी की उम्मीद
कांग्रेस को राजस्थान इकाई से भी रैली में बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने की उम्मीद है। राजस्थान के लिए एआईसीसी के प्रभारी सचिव रुत्विक मकवाना ने कहा कि राज्य के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में हाल में हुए विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। इस बार और अधिक लोगों को जुटाने की योजना बनाई जा रही है।
मकवाना के अनुसार, रैली की तैयारियों को लेकर राजस्थान के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि गुजरात और मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों की इकाइयां भी अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही हैं।
रितु बराला के मामले को लेकर राजस्थान में प्रदर्शन
राजस्थान कांग्रेस पिछले दो दिनों से युवा नेता रितु बराला के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में प्रदर्शन कर रही है। पार्टी की मांग है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाए। आरोप है कि दिल्ली में हाल में हुए एंटी-SIR विरोध प्रदर्शनों के दौरान रितु बराला के साथ दुर्व्यवहार किया गया था।
कांग्रेस इस मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे विरोध प्रदर्शन का समर्थन कर रही है। रुत्विक मकवाना ने विपक्षी एकता को बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि इस एकजुटता की भावना को मजबूती से कायम रखना चाहिए।
1 नवंबर की रैली पर टिकी विपक्ष की नजर
कांग्रेस और उसके सहयोगी दल 1 नवंबर की रैली को SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर एकजुटता दिखाने के अवसर के रूप में देख रहे हैं। पार्टी की रणनीति उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों से समर्थकों को दिल्ली लाने की है। अब रैली में जुटने वाली भीड़ और विपक्षी दलों की भागीदारी पर सबकी नजर रहेगी।








