एफएनएन, देहरादून : Fake Documents देहरादून में फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी प्रमाणपत्र हासिल करने के प्रयास का एक और मामला सामने आया है। पुलिस ने स्थायी निवास प्रमाणपत्र और स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने के मामले में एक छात्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी ने अपणी सरकार पोर्टल के माध्यम से दोनों प्रमाणपत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था।
सत्यापन में सामने आया मामला
इस मामले में तहसील सदर की लेखपाल स्वाति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, हरिपुर कांवली निवासी एलिस तोमर ने सरकारी पोर्टल पर स्थायी निवास प्रमाणपत्र और स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था।
आवेदन में दिए गए पते का सत्यापन किया गया तो एलिस तोमर वहां निवास करते नहीं पाए गए। इसके बाद आवेदन के साथ लगाए गए आधार कार्ड और शपथपत्र की जांच की गई। जांच में दोनों दस्तावेज कथित तौर पर फर्जी पाए गए।
प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े में तीन FIR दर्ज
प्रमाणपत्रों से जुड़े फर्जीवाड़े के मामले में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें एक मामला रायपुर थाने और दूसरा क्लेमेंट टाउन थाने में दर्ज है। नए मामले को भी पुलिस और एसआईटी की जांच से जोड़ा जा रहा है।
SIT अब तक पांच लोगों को कर चुकी गिरफ्तार
प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े की जांच कर रही एसआईटी अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में छात्रा परी के पिता अरविंद भी शामिल हैं।
जांच के दौरान सामने आया था कि अरविंद ने मेरठ निवासी रूपेश पंडित और मध्य प्रदेश निवासी धीरज श्रीवास्तव के माध्यम से प्रमाणपत्र बनवाए थे।
नए मामले को भी जांच में शामिल करेगी SIT
पुलिस के मुताबिक, एलिस तोमर से जुड़े इस नए मामले की जानकारी एसआईटी को दी जाएगी और इसे भी चल रही जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और प्रमाणपत्र बनवाने के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं और इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है।







