विशिष्ट अतिथि दिल्ली से आए आमंत्रित चर्चित मंचीय कवि मोहन मुंतज़िर ने अपनी इस भावपूर्ण ग़ज़ल से कवि सम्मेलन को ऊंचाइयों पर पहुंचाया और हर शेर पर खूब तालियां और वाहवाही भी बटोरीं-
जब भी तूफानों से बचकर निकला हूं,
देखा है लहरों पर मैंने मां लिक्खा
कल ख्वाबों में देखी जन्नत तो देखा,
सातों आकाशों के ऊपर देखा मां लिक्खा।
शेर मेरे बतियाने लगे हैं ग़ालिब से,
जिस दिन से मैंने कागज पर मां लिक्खा।
एक अनाथ अमीर ने अन्तिम सांसों से
जाते-जाते दीवारों पर मां लिक्खा।
विधायक योगेश शुक्ला एवं बीकेटी के चेयरमैन गणेश रावत द्वारा बरेली के ओज एवं वीररस के राष्ट्रीय स्तर के सिद्धहस्त मंचीय कवि कमल कान्त तिवारी बरेली का सरनाम साहित्य भूषण सम्मान से सारस्वत अभिनन्दन किया गया। सम्मान के क्रम में हापुड़ के वरिष्ठ कवि रामकुमार सिसौदिया को भी सरनाम साहित्य रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया।
एफएनएन ब्यूरो, बरेली। चर्चित कवि ऋषि कुमार शर्मा 'च्यवन' को नई दिल्ली की स्वयंसेवी संस्था सहज संभव के स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कवि सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मानित किया गया।