एस एंड सी कर्मचारी यूनियन की रबड़ फैक्टरी कर्मचारियों की एक मीटिंग रामपुर गार्डन में शैलेन्द्र चौवे की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह के उस हालिया बयान की तीखी आलोचना की गई जिसमें 25 वर्ष से बंद पड़ी रबड़ फैक्ट्री के बदले बरेली को विकास के नाम पर तीन बड़े उद्योग देने की घोषणा की गई है।
रबड़ फैक्ट्री की पंजीकृत श्रमिक यूनियनों की आवाज कोर्ट और उप श्रमायुक्त न्यायालय से लगातार उनके हक में फैसले आने के बावजूद तत्कालीन राज्य सरकारों की घनघोर उपेक्षापूर्ण नीति के चलते नक्कारखाने में तुरही की महीन आवाज की तरह लगातार गुम होती रही। डीसी के दावे पर यकीन करें तो विधानसभा और प्रदेश तथा केंद्र सरकार के समक्ष जब भी उन्हें मौके मिले, पूरी बेबाकी और बुलंद अंदाज में इस मुद्दे को असरदार ढंग से उछालते ही रहे।