मुख्य प्रवाचक प्रमोद मिश्रा ने बताया कि वसंत पंचमी के दिन ही ब्रह्मा जी के कहने पर सरस्वती ने अपनी वीणा की ध्वनि से प्रकृति और प्राणियों को संगीत एवं वाणी की शक्ति प्रदान की। अनेक श्लोकों के माध्यम से उन्होंने समझाया कि वसंत पंचमी उल्लास-उमंग का उत्सव है जो हर मानव में विद्या और बुद्धि का संचार करता है।
इन सबको सम्मान स्वरूप हार, शॉल, प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिन्ह समारोह की मुख्य अतिथि अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की चेयरपर्सन श्रीमती श्रुति गंगवार, कार्यक्रम अध्यक्ष कवि राजेश गौड़, विशिष्ट अतिथि रमेश गौतम, डॉ.सुरेश बाबू मिश्रा और क्लब के अध्यक्ष सुरेन्द्र बीनू सिन्हा ने प्रदान किए। रमेश गौतम ने निराला पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए उन्हें महान क्रांतिकारी कवि बताया।