बेहद ही खूबसूरत और सटीक काव्यमय संचालन कर रहे चर्चित ग़ज़लकार और कवि राज मिश्र 'ग़ज़लराज' की यह सम-सामयिक ग़ज़ल भी खूब सराही गई-
ज़िन्दगी में सिर्फ झंझावात हैं कुछ कीजिए,
हादसा दर हादसा हालात हैं कुछ कीजिए।
सत्यता पर छा रहीं फिर साजिशों की आंधियां,
ग़ुम रहे पीकर के विष सुकरात हैं कुछ कीजिए।