03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
previous arrow
next arrow
Shadow

पितृ पक्ष: 7 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर तक चलेंगे, भूलकर भी न खरीदें ये सामान

Spread the love

एफएनएन, उत्तराखंड : हिंदू पंचांग के अनुसार पितृ पक्ष का समय अपने पूर्वजों को समर्पित होता है. इस साल पितृ पक्ष 7 सितंबर 2025 से शुरू होकर 21 सितंबर 2025 तक चलेंगे. इन 15 दिनों में श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस दौरान किए गए कर्म और दान-पुण्य सीधे पितरों तक पहुंचते हैं और उनका आशीर्वाद परिवार पर बना रहता है.

किन चीजों की खरीदारी से बचें?

पंडितों और ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि पितृ पक्ष के दौरान कुछ चीजों की खरीदारी करना अशुभ माना जाता है. अगर कोई इन दिनों नियमों की अनदेखी करता है, तो पितरों का आशीर्वाद कम हो सकता है और परिवार में पितृ दोष बढ़ने की आशंका रहती है.

प्रॉपर्टी और वाहन

पितृ पक्ष में मकान, जमीन, दुकान या फ्लैट खरीदना वर्जित है. इसी तरह, नए वाहन लेने से भी परहेज करना चाहिए. ज्योतिषाचार्य मानते हैं कि इस समय खरीदी गई संपत्ति या वाहन शुभ फल नहीं देते और परिवार में अनावश्यक कलह ला सकते हैं.

गहने और कपड़े

सोने-चांदी के गहनों और नए कपड़ों की खरीदारी भी इन 15 दिनों में अशुभ मानी जाती है. परंपरा है कि श्राद्ध के दिनों में पुराने या साधारण वस्त्र पहनकर ही अनुष्ठान किए जाएं.

नए बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान

घर के लिए नए बर्तन, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण खरीदना भी मना है. श्राद्ध कर्म के लिए पुराने बर्तनों या पत्तलों का ही उपयोग करना शुभ माना जाता है.

रसोई से जुड़ी कुछ चीजें जैसे सरसों का तेल, झाड़ू और नमक पितृ पक्ष में बिल्कुल नहीं खरीदनी चाहिए. मान्यता है कि इससे त्रिदोष लगता है और घर में परेशानियां बढ़ सकती हैं. इसलिए ऐसी सामग्री पहले ही घर में ले आनी चाहिए.

ज्योतिषाचार्य की राय

ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद मिश्र के अनुसार, “पितृ पक्ष के दिनों में पूर्वज धरती पर आते हैं. ऐसे में इन दिनों विलासिता से जुड़ी वस्तुएं खरीदना या नए काम शुरू करना पितरों को रास नहीं आता. इन 15 दिनों को पूरी श्रद्धा और संयम के साथ बिताना चाहिए. श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य करने से पितरों की कृपा बनी रहती है और परिवार में सुख-शांति आती है.”

पितृ पक्ष आत्माओं की शांति और पूर्वजों की स्मृति को समर्पित समय है. इस दौरान श्रद्धा और परंपरा का पालन करना हर परिवार के लिए लाभकारी माना गया है. अनावश्यक खरीदारी से बचकर और श्राद्ध कर्म में शामिल होकर आप न केवल अपने पितरों को तृप्त कर सकते हैं, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आशीर्वाद भी प्राप्त कर सकते हैं.

Hot this week

rudrapur नहीं रहा अभिषेक, कई दिनों तक जिंदगी और मौत से लड़ता रहा युवक

एफएनएन, रुद्रपुर : rudrapur काशीपुर रोड ओवरब्रिज पर 7...

Spare Parts की दुकान में अचानक लगी आग, धुआं उठते ही मची अफरा-तफरी

एफएनएन, हरिद्वार : Spare Parts शहर में सुबह-सुबह स्पेयर...

15 सितंबर से फिर शुरू होगी केदारनाथ हेली सेवा, DGCA की बैठक में होगा फैसला

एफएनएन, देहरादून : Kedarnath चारधाम यात्रा के दूसरे चरण...

Kusumkheda में नाबालिग से आपत्तिजनक हरकत का आरोप, आरोपी पुलिस हिरासत में

एफएनएन, हल्द्वानी : Kusumkheda हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा क्षेत्र में नाबालिग...

Topics

rudrapur नहीं रहा अभिषेक, कई दिनों तक जिंदगी और मौत से लड़ता रहा युवक

एफएनएन, रुद्रपुर : rudrapur काशीपुर रोड ओवरब्रिज पर 7...

Spare Parts की दुकान में अचानक लगी आग, धुआं उठते ही मची अफरा-तफरी

एफएनएन, हरिद्वार : Spare Parts शहर में सुबह-सुबह स्पेयर...

Kusumkheda में नाबालिग से आपत्तिजनक हरकत का आरोप, आरोपी पुलिस हिरासत में

एफएनएन, हल्द्वानी : Kusumkheda हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा क्षेत्र में नाबालिग...

rudrapur ARTO में बड़ा खुलासा, एक नंबर की दो Swift Dzire और चेसिस नंबर भी निकला समान

एफएनएन, रुद्रपुर : rudrapur के संभागीय परिवहन कार्यालय में...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img