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ऋषिकेश एम्स से डिस्चार्ज हुए 40 श्रमिक, सभी स्वस्थ, एक की स्वास्थ्य जांच जारी

एफएनएन, ऋषिकेश : उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल से निकाले गए श्रमिकों की एम्स में सघन स्वास्थ्य जांच कर ली गई है। 41 में से 40 श्रमिकों को एम्स प्रशासन ने क्लीयरेंस देकर डिस्चार्ज कर दिया है। जबकि एक श्रमिक की स्वास्थ्य जांच जारी है।

बृहस्पतिवार को एम्स ऋषिकेश के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. आरबी कालिया, जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. रविकांत व अस्पताल प्रशासन से डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि सिलक्यारा सुरंग से निकाले गए सभी 41 श्रमिकों को बीते बुधवार को एम्स में भर्ती किया गया था। प्रारंभिक जांच में किसी भी श्रमिक में चोट आदि जैसी कोई शिकायत नहीं पाई गई। इसके अलावा सभी श्रमिकों का सघन स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

साथ ही उनके ब्लड, किडनी, ईसीजी, एबीजी, लीवर फंक्शन टेस्ट, एक्सरे, इकोकॉर्डियोग्राफी, एबीजी आदि टेस्ट किए गए। सभी श्रमिक शारीरिक तौर पर सामान्य व स्वस्थ हैं। श्रमिकों को एम्स प्रशासन की ओर से क्लीयरेंस दे दिया गया है ताकि श्रमिक अपने घरों को वापस लौट सकें। बताया कि किसी भी श्रमिक को रोका नहीं जा रहा है। इसके लिए संबंधित राज्यों को भी आधिकारिक तौर पर जानकारी दे दी गई है।

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किस राज्य के कितने मजदूर

अस्पताल प्रशासन के डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि एम्स में 7 राज्यों से 41 श्रमिक स्वास्थ्य जांच के लिए आए थे। जिसमें झारखंड से सर्वाधिक 15, उत्तरप्रदेश से 8, बिहार व उड़ीसा से 5-5, पश्चिम बंगाल से 3, उत्तराखंड व असम से 2-2, और हिमाचल प्रदेश से एक श्रमिक शामिल थे। एक श्रमिक को छोड़ अन्य सभी 40 श्रमिकों को मेडिकल क्लीयरेंस मिलने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। अस्पताल में भर्ती रखे गए एक श्रमिक को भी अन्य जरूरी परीक्षण के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

दो सप्ताह बाद परामर्श की सलाह

चिकित्सकों ने बताया कि श्रमिकों में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों की तरह सामान्य शारीरिक परिवर्तन पाए गए हैं। किसी भी श्रमिक को गंभीर या चिंताजनक जैसी कोई समस्या नहीं है। हालांकि इस घटना से भविष्य में श्रमिकों में मानसिक परिवर्तन आ सकते हैं। इसके लिए श्रमिकों को दो सप्ताह बाद या जरूरत पड़ने पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक का परामर्श लेने की सलाह दी गई है।

टेलीमेडिसिन के माध्यम से मजदूरों के संपर्क में रहेगा एम्स

एम्स के एमएस प्रो. आरबी कालिया ने बताया कि एम्स से छुट्टी देने के बाद भी मजदूरों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। सभी मजदूरों से एम्स टेलीमेडिसिन के माध्यम से संपर्क में रहेगा।

20 मजदूर गए घर

बृहस्पतिवार करीब 3 बजे 20 मजदूरों को दो बसों से जौलीग्रांट हवाई अड्डा भेजा गया। जहां से ये सभी मजदूर हवाई मार्ग से अपने घरों को लौटेंगे। घर वापस लौटने वालों में 15 मजदूर झारखंड व 5 मजदूर उड़ीसा के शामिल हैं। एम्स प्रशासन ने बताया कि शेष मजदूरों के राज्यों के नोडल अधिकारी जैसे ही यहां पहुंचेेंगे। इन्हें भी भेज दिया जाएगा।

किसी भी मजदूर को नहीं दी गई कोई दवा

एम्स चिकित्सकों ने बताया कि ट्राॅमा सेंटर में मजदूरों की मेजर आर्गन स्क्रीनिंग हुई है। सभी मजदूर पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं। ट्राॅमा में भर्ती के दौरान किसी भी मरीज को कोई दवाई नहीं दी गई है और न ही दवाई लेने की सलाह दी गई है।

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