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उत्तराखंड : कांग्रेस, सपा और वामपंथी दलों ने मिलाए हाथ, पढ़ें क्या बोले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष माहरा

एफएनएन, देहरादून : उत्तराखंड में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के आह्वान पर जनसरोकारों की लड़ाई के लिए विरोधी दल गोलबंद होने लगे हैं। बृहस्पतिवार को देहरादून में कांग्रेस, सपा और वामपंथी दलों ने एक सर्वदलीय समिति का गठन हुआ। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा को समिति की कमान सौंपी गई। माहरा ने कहा कि प्रदेश में अब सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ सामूहिक लड़ाई लड़ी जाएगी। इस गठबंधन से अभी बहुजन समाज पार्टी बाहर है।

कांग्रेस भवन में आयोजित बैठक में महत्वपूर्ण एवं जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर चिंतन मंथन हुआ। सभी दलों के अध्यक्षों ने वर्तमान परिदृश्य पर चिंता जाहिर की। सभी नेताओं का मत था की एक समान न्यूनतम कार्यक्रम को लेकर सभी दलों को अग्रसर होना होगा। प्रदेश के बिगड़ते हुए सौहार्द एवं सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई।

एक सर्वदलीय समिति का गठन किया गया, जिसका सर्वसम्मति से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा को अध्यक्ष बनाया गया। निर्णय लिया गया कि हर महीने सर्वदलीय समिति की बैठक होगी। बैठक में भविष्य के एजेंडे एवं रणनीति पर विचार विमर्श होगा। आगामी बैठकों में हर दल से और अधिक लोगों को प्रतिनिधित्व देने पर विचार हुआ।

साथ ही तय हुआ कि धर्म निरपेक्षता में विश्वास रखने वाले दलों व व्यक्तियों को खुले दिल से सर्वदलीय समिति में आमंत्रित किया जाएगा। आरोप लगाया गया कि सत्तारूढ़ दल की जनविरोधी नीतियों से जनता परेशान है। फैसला हुआ कि समिति राज्यपाल मुलाकात कर एक सर्वदलीय ज्ञापन सौंपेगी। इसमें प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर राज्यपाल से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया जाएगा।

  • मलिन बस्तियों को नियमित किया जाए
मलिन बस्तियों को नियमित कराने के लिए सामूहिक लड़ाई लड़ी जाएगी। कहा गया कि सर छुपाने के लिये एक अदद छत का अधिकार सभी का है। न्यू कैंट रोड में धारा 144 हटाई जाएबैठक में न्यू कैंट रोड में धारा 144 हटाए जाने की मांग की गई। कहा गया कि राज्य सरकार ने विपक्षी दलों के प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया है। मुख्यमंत्री आवास हो या राजभवन किसी भी विपक्षी दल को कूच या घेराव करने की अनुमति नहीं है। इस प्रतिबंध को लोकतंत्र एवं अभिव्यक्ति की आजादी का खुला उल्लंघन बताया गया।
  • इन मुद्दों पर भी हुआ मंथन
बैठक में राज्य की आर्थिक स्थिति, सामाजिक ताने-बाने और आंतरिक सुरक्षा पर भी चर्चा की गई। सभी ने एक स्वर में इस बात को माना कि आज देश एवं प्रदेश में अघोषित इमरजेंसी लगी है। बुलडोजर का डर दिखाकर गरीब जनता को डराया व धमकाया जा रहा है। अग्निपथ योजना को प्रदेश एवं देश के लिए आत्मघाती बताया गया। बैठक में धार्मिक सद्भाव के प्रति दृढ़ संकल्प का प्रस्ताव पारित किया गया।

 

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