एफएनएन , सहारनपुर : उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मामले में कथित वीआईपी से जुड़े दावों और अभिनेत्री उर्मिला सनावर के बयानों को लेकर चर्चा के बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की चार सदस्यीय टीम उत्तर प्रदेश के सहारनपुर पहुंची है। बताया जा रहा है कि टीम अभिनेत्री उर्मिला सनावर से पूछताछ कर मामले से संबंधित जानकारी जुटाना चाहती है। टीम में एक महिला अधिकारी भी शामिल बताई जा रही हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, सीबीआई की टीम शनिवार को भी उर्मिला सनावर के घर पहुंची थी, लेकिन उस समय वह वहां मौजूद नहीं थीं। इसके बाद रविवार को टीम के दोबारा सहारनपुर पहुंचने की जानकारी सामने आई। सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अभिनंदन ने सीबीआई टीम के जिले में आने की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, टीम अभिनेत्री से पूछताछ करने के लिए पहुंची थी। हालांकि, पूछताछ में क्या जानकारी मिली और जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है, इस बारे में फिलहाल विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
उर्मिला सनावर के दावों के बाद फिर चर्चा में आया मामला
अंकिता भंडारी हत्याकांड वर्ष 2022 में सामने आया था। इस मामले में तीन आरोपियों को अदालत से दोषी ठहराए जाने और आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद भी कथित वीआईपी से जुड़े सवाल समय-समय पर उठते रहे हैं।
दिसंबर 2025 में अभिनेत्री उर्मिला सनावर से जुड़ा एक ऑडियो चर्चा में आया था। इस ऑडियो को लेकर दावा किया गया कि इसमें मामले से जुड़े एक कथित वीआईपी का जिक्र है। इसके बाद अंकिता भंडारी प्रकरण एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। हालांकि, ऑडियो में किए गए दावों की सत्यता और उनमें उल्लेखित बातों की पुष्टि जांच के आधिकारिक निष्कर्षों से ही हो सकती है।
अब सीबीआई टीम के सहारनपुर पहुंचने को इसी घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि अभिनेत्री से पूछताछ के दौरान उनके दावों, उपलब्ध जानकारी और मामले से जुड़े तथ्यों के बारे में सवाल किए जा सकते हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पूछताछ में किन बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है और जांच एजेंसी को क्या तथ्य मिले हैं।
अगस्त 2022 में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी करने पहुंची थी अंकिता
अंकिता भंडारी पौड़ी गढ़वाल जिले के गंगा-भोगपुर क्षेत्र स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने पहुंची थीं। अगस्त 2022 में नौकरी शुरू करने के कुछ ही समय बाद उनका लापता होना पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया।
18 सितंबर 2022 की रात अंकिता के लापता होने की बात सामने आई। इसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी। शुरुआती दौर में मामला राजस्व पुलिस के पास था, जहां गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई। अंकिता का पता नहीं चलने पर परिवार और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ती गई।
नियमित पुलिस को सौंपा गया मामला, SIT ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए 22 सितंबर 2022 को जांच नियमित पुलिस को सौंप दी गई। इसके बाद विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच के दौरान रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और वहां काम करने वाले दो अन्य लोगों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता की भूमिका सामने आई।
23 सितंबर 2022 को पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसी दौरान रिजॉर्ट को लेकर भी विवाद बढ़ा और उसी रात वहां बुलडोजर चलाए जाने की घटना सामने आई। इस कार्रवाई को लेकर भी प्रदेश में काफी चर्चा हुई।
चीला नहर से बरामद हुआ था अंकिता का शव
अंकिता की तलाश के दौरान 24 सितंबर 2022 को चीला नहर से उनका शव बरामद किया गया। राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीम ने शव को बाहर निकालने में मदद की। इसके बाद पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया था।
घटना के सामने आने के बाद उत्तराखंड में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। लोगों ने अंकिता को न्याय दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी लगातार उठती रही। मामले के राजनीतिक प्रभाव के बीच भाजपा ने नेता विनोद आर्य को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
दिसंबर 2022 में दाखिल हुई चार्जशीट
पुलिस और SIT ने जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर दिसंबर 2022 में अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। इसके बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी। मार्च 2023 में कोटद्वार की अदालत में तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए और मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई।
लंबी सुनवाई के बाद 30 मई 2025 को कोटद्वार की अदालत ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराया। अदालत ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले को अंकिता के परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया।
कथित वीआईपी के मुद्दे पर अब क्या होगा?
तीनों आरोपियों को सजा मिलने के बावजूद मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठने वाले सवाल सार्वजनिक चर्चा में बने रहे। उर्मिला सनावर से जुड़े ऑडियो और उनके कथित बयानों के बाद यह मुद्दा फिर सामने आया है। अब सीबीआई टीम के सहारनपुर पहुंचने के बाद इस बात पर नजर है कि जांच एजेंसी अभिनेत्री से क्या जानकारी हासिल करती है और उनके दावों की पुष्टि के लिए किन तथ्यों की जांच की जाती है।
फिलहाल सीबीआई की पूछताछ से संबंधित विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए कथित वीआईपी को लेकर लगाए जा रहे दावों को जांच में प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। जांच एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि अभिनेत्री के दावों में कितनी सच्चाई है और उनका अंकिता भंडारी हत्याकांड से क्या संबंध निकलता है।







