एफएनएन , बिलासपुर : अभिनेता और सांसद रवि किशन छत्तीसगढ़ के बिलासपुर दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने राज्य के लोगों के प्रति अपना स्नेह जताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग सरल स्वभाव के हैं और यहां उन्हें हमेशा प्यार और सम्मान मिलता रहा है। रवि किशन के मुताबिक, वह कई वर्षों से छत्तीसगढ़ आते रहे हैं और यहां उनके बड़ी संख्या में प्रशंसक हैं। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति, 2027 के विधानसभा चुनाव, रामलीला में भगवान राम की भूमिका और छत्तीसगढ़ी सिनेमा में काम करने की संभावनाओं पर भी अपनी बात रखी।
अखिलेश यादव की चुनौती पर रवि किशन का जवाब
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की चुनौती को लेकर रवि किशन ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती दी थी और योगी आदित्यनाथ ने उसे स्वीकार कर लिया है। ऐसे में अब अखिलेश यादव को भी अपनी चुनौती पर कायम रहना चाहिए।
रवि किशन ने कहा कि अखिलेश यादव देश के बड़े नेताओं में शामिल हैं। इसलिए उन्हें पीछे हटने के बजाय सामने आकर अपनी बात पर अमल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब देश भी देखना चाहता है कि अखिलेश यादव इस चुनौती को लेकर आगे क्या कदम उठाते हैं।
2027 के यूपी चुनाव में भाजपा की जीत का दावा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर रवि किशन ने भाजपा की बड़ी जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ेगा, जबकि भाजपा को जनता का समर्थन मिलेगा।
रवि किशन ने भाजपा सरकार के कार्यकाल की तुलना पिछली परिस्थितियों से करते हुए कहा कि पहले प्रदेश में बिजली की समस्या थी और बाहुबलियों व माफियाओं का प्रभाव दिखाई देता था। उनके अनुसार, योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद उत्तर प्रदेश में कई बदलाव हुए हैं और राज्य अपनी पुरानी छवि से बाहर निकलकर विकास की दिशा में आगे बढ़ा है।
उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय सक्रिय होने वाले नेताओं को जनता अच्छी तरह समझती है। रवि किशन ने दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में विपक्ष को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
रामलीला में भगवान राम का किरदार निभाने को लेकर उत्साहित और चिंतित
रामलीला में भगवान राम की भूमिका निभाने को लेकर रवि किशन ने कहा कि उनके मन में उत्साह के साथ-साथ काफी डर और जिम्मेदारी का एहसास भी है। उन्होंने बताया कि इससे पहले वह केवट और भगवान परशुराम जैसे किरदार निभा चुके हैं। बचपन में उन्होंने सीता माता की भूमिका भी निभाई थी, लेकिन भगवान राम का किरदार निभाने की इच्छा लंबे समय से उनके मन में थी।
रवि किशन ने कहा कि भगवान राम का रूप धारण करना उनके लिए सामान्य अभिनय नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रार्थना की कि 19 और 20 तारीख को प्रभु राम की कृपा बनी रहे, ताकि उनसे कोई गलती न हो।
उन्होंने कहा कि भगवान राम का जीवन, उनके विचार, वाणी, संयम और त्याग समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। एक राजा, पिता और पति के रूप में उनके आदर्शों से हर व्यक्ति बहुत कुछ सीख सकता है।
Gen Z को लेकर क्या बोले रवि किशन?
युवा पीढ़ी पर बात करते हुए रवि किशन ने कहा कि युवा देश की आत्मा हैं और आने वाले समय में यही पीढ़ी संसद, विधानसभा और दूसरे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जिम्मेदारी संभालेगी। युवा इंजीनियर बनेंगे, सेना में शामिल होंगे और देश को आगे बढ़ाने में योगदान देंगे।
उन्होंने कहा कि उन्हें Gen Z से बहुत लगाव है। उनके घर में भी इस पीढ़ी का बेटा है, जिससे वह समय-समय पर नई बातें सीखते हैं। रवि किशन के मुताबिक, युवाओं को उनकी बातें इसलिए पसंद आती हैं क्योंकि वह खुद को भी एक सामान्य इंसान मानते हैं।
उन्होंने कहा, “मैं भगवान नहीं हूं, मनुष्य हूं। मैं भी आप लोगों की तरह ही एक इंसान हूं।” रवि किशन ने कहा कि युवाओं को समझने के लिए उनकी बातों और विचारों को सुनना और स्वीकार करना जरूरी है।
छत्तीसगढ़ी फिल्मों में काम करने की जताई इच्छा
रवि किशन ने छत्तीसगढ़ी सिनेमा की संभावनाओं पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अच्छी कहानियों पर बनी फिल्में हमेशा दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाती हैं और छत्तीसगढ़ी सिनेमा में भी आगे बढ़ने की काफी संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी और भोजपुरी भाषाओं के बीच कई सांस्कृतिक समानताएं हैं। दोनों क्षेत्रों में पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक विषयों को महत्व दिया जाता है। उनके मुताबिक, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी पारिवारिक कहानियों पर आधारित फिल्मों को दर्शकों का समर्थन मिल सकता है।
रवि किशन ने कहा कि मजबूत विषयों और अच्छी पटकथा के साथ छत्तीसगढ़ी सिनेमा अपनी पहचान बड़े स्तर पर बना सकता है।
‘अच्छी कहानी मिली तो जरूर करूंगा काम’
छत्तीसगढ़ी फिल्मों में काम करने के सवाल पर रवि किशन ने कहा कि अगर उन्हें अच्छी कहानी और सही अवसर मिलता है, तो वह इस सिनेमा का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं। उन्होंने जोर दिया कि फिल्म में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, गौरव, भावनाओं और संघर्षों को वास्तविक रूप में दिखाया जाना चाहिए।
उनके मुताबिक, कहानी इतनी प्रभावशाली होनी चाहिए कि वह स्थानीय दर्शकों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सके। रवि किशन का मानना है कि छत्तीसगढ़ की कहानी में राष्ट्रीय पुरस्कार तक पहुंचने की क्षमता हो सकती है, बशर्ते उसे मजबूत पटकथा और सही प्रस्तुति मिले।
नाना पाटेकर के निधन पर जताया दुख
रवि किशन ने नाना पाटेकर के निधन को लेकर भी दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर का जाना उनके लिए बड़ी क्षति है और वह उन्हें बेहद पसंद करते थे। रवि किशन ने कहा कि नाना पाटेकर उनसे काफी स्नेह रखते थे।
उन्होंने जीवन और मृत्यु को ईश्वर की इच्छा से जुड़ा बताते हुए कहा कि मनुष्य का मृत्यु पर नियंत्रण नहीं है। इंसान के हाथ में केवल अपने कर्म करना है। इसलिए हर व्यक्ति को अच्छे कर्मों पर ध्यान देना चाहिए और समाज को सकारात्मक संदेश देने का प्रयास करना चाहिए।
मीम्स को लेकर रवि किशन की सलाह
सोशल मीडिया पर मीम्स और मजाक को लेकर रवि किशन ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में घबराने के बजाय धैर्य रखना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “लोगों ने नींबू फेंका, हमने उसका शरबत बना दिया।”
उन्होंने कहा कि किसी घटना या आलोचना के बाद तुरंत परेशान होने या गलत कदम उठाने के बजाय कुछ समय शांत रहना चाहिए। रवि किशन के मुताबिक, सोशल मीडिया पर कई बार किसी मुद्दे को लेकर कुछ ही दिनों तक चर्चा होती है, इसलिए लोगों को संयम बनाए रखना चाहिए और परिस्थितियों का समझदारी से सामना करना चाहिए।
नोट: खबर में नाना पाटेकर के निधन का उल्लेख मूल सामग्री के आधार पर किया गया है। प्रकाशन से पहले इस दावे की विश्वसनीय पुष्टि अवश्य कर लें।








